GRAP-4 से दिल्ली के दिहाड़ी मजदूर बेहाल, सरकार से मदद की गुहार
পুষ্প প্রভাত ডেস্ক
পুষ্পপ্রভাত পত্রিকা
প্রকাশিত : ০১:৩১ পিএম, ২১ ডিসেম্বর ২০২৫ রোববার | আপডেট: ০১:৩১ পিএম, ২১ ডিসেম্বর ২০২৫ রোববার
खबर (हिंदी में, संक्षेप और सलीके से):
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को काबू में करने के लिए GRAP-4 लागू होते ही निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लग गई है। इसका सबसे बड़ा असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है, जिनकी रोज़ी-रोटी कंस्ट्रक्शन साइट्स से चलती थी। काम बंद होते ही हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं और कई परिवारों के सामने भूख का संकट खड़ा हो गया है।
दिल्ली के अलग-अलग नाकों और चौक-चौराहों पर रोज़ सुबह मजदूर काम की तलाश में पहुंचते हैं, लेकिन निराश होकर खाली हाथ लौटना उनकी मजबूरी बन गई है। सरकार ने पंजीकृत मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर हैं जो पंजीकरण न होने के कारण इस मदद से वंचित रह गए हैं।
मजदूरों का कहना है कि न तो उनके पास खाने के लिए पर्याप्त पैसे हैं और न ही कोई वैकल्पिक रोजगार। कई लोग मंदिर, गुरुद्वारों के लंगर या दूसरों की मदद से गुज़ारा कर रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों ने सरकार से अपील की है कि गैर-पंजीकृत मजदूरों के लिए भी राहत पैकेज और आसान पंजीकरण की व्यवस्था की जाए, ताकि वे और उनके परिवार भूखे न रहें।
